Holi कब और क्यों मनाई जाती है?

होली के बारे में –

होली बसंत का एक  उल्लासमय पर्व है। होली को बसंत का यौवन भी कहा जाता है। प्रकृति सरसों की  पीली साड़ी पहनकर किसी की राह देखती हुई प्रतीत होती है। हमारे पूर्वजों में  भी होली त्यौहार को आपसी प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इसमें सभी  छोटे-बड़े लोग मिलकर पुराने भेदभावों को भुला देते हैं। होली रंग का त्यौहार  होता है। रंग आनन्द पर्याय होते हैं। बाहर  का रंग अंदर के रंग का प्रतीक है। जब सारी प्रकृति रंग से सराबोर हो जाती  है तो मनुष्य भी आनन्द से झूमने लगता है होली पर्व इसी का प्रतीक है। इस  रंगीन उत्सव के समय पूरा वातावरण खुशनुमा हो जाता है। प्रकृति की सुन्दरता  भी मनमोहक होती है। जिस तरह मुसलमानों के  लिए ईद का त्यौहार , ईसाईयों के लिए क्रिसमस का त्यौहार जो महत्व रखता हैं  उसी तरह हिन्दुओं के लिए भी होली के त्यौहार का बहुत महत्व होता है। होली  का पर्व सबसे ज्यादा खुशियाँ लेकर आता है क्योंकि इस दिन हम सबसे ज्यादा  हंसते हैं। लोगों के रंग से लिपे-पुते चेहरों को देखकर सभी हंसने के लिए  मजबूर हो जाते हैं। होली  का त्यौहार अब इतना प्रसिद्ध हो चुका है कि यह त्यौहार केवल भारत में ही  नहीं बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय होता जा रहा है। भारत के अतिरिक्त बहुत  से देशों में अब लोग होली का त्यौहार मनाने लगे हैं। और आज हम आप को Holi कब और क्यों मनाई जाती है? इसकी पूरी जानकारी देने वाले है.

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Happy Holi Wishes in Hindi

बाँहो मे भरकर पूछा था उन्होंने ….!!! कौन सा रंग लगाँऊ ‎तुमहे …!!! हमने भी कह दिया …!! मुझे Sirf…!!! Tumhare होठो का रंग पसंद है..!!! सभी रंगों का रास है होली, मन का उल्लास है होली, जीवन में खुशियाँ भर देती है, बस इसीलिए ख़ास है होली। होली के इस पर्व पर लगे रंग हर गाल राष्ट्र रंग सब में रमे हर घर हो खुशहाल तेरे अंग अंग में रंग लगा दें, आजा गोरी होली मना ले, फिर होली जल्दी न आएगी, बाद में फिर तू पछताएगी। हमेशा मीठी रहे आपकी बोली खुशियों से भर जाए आपकी झोली आप सबको मेरी तरह से हैप्पी होली

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