(1) Alternating Current (प्रत्यावर्ती धारा) (2) Direct Current (दिष्ट धारा)

Current दो प्रकार का होता है –

AC – AC धारा का मान तथा दिशा समय के साथ परिवर्तित होते है ।

DC  DC धारा का मान तथा दिशा नियत रहते हैं, समय के साथ नहीं बदलते ।

(1) परिभाषा –

AC – आमतौर पर घरों मे उपयोग होने वाली धारा AC होती है जिसका उपयोग हम बल्बों, कूलर, पंखा, TV आदि मे करते हैं ।

DC – हमारे मोबाइल की बैट्री में DC current होता है इसके अलावा वैल्डिंग में, इलैक्ट्रोप्लेटिंग, बैट्री और सेल में DC करंट होता है ।

(2) उपयोग –

AC – प्रत्यावर्ती धारा का उत्पादन आल्टरनेटर के द्वारा किया जाता है ।

DC – दिष्टधारा का उत्पादन जनित्र (जेनरेटर), डायनमो) से किया जाता है ।

(3) उत्पादन –

AC – AC का उत्पादन 33,000 volts तक किया जा सकता है ।

DC – DC का उत्पादन केवल 650 वोल्ट तक ही किया जा सकता है ।

(4) Voltage –

● AC को DC में परिवर्तित करने वाली युक्ति डायोड (Rectifier) है ।

● DC को AC में परिवर्तित करने वालो युक्ति इन्वर्टर (Inverter) है ।

(5) परिवर्तक –

AC का पूरा नाम अल्टरनेटिंग करंट (Alternating Current ) है और ये करंट एक निश्चित समय के बाद में अपनी दिशा (Direction) और मान (Value) बदलता है इसलिए इसे अल्टरनेटिंग करंट कह जाता है। आपको बता दे की अल्टरनेटिंग करंट से बहुत ज्यादा वोल्टेज पैदा किया जा सकता है इससे लगभग 33000 Volt तक पैदा किया जा सकता है।

AC करंट क्या होता है

DC जिसे डायरेक्ट करंट कहा जाता है वह होता है जो करंट दिशा (Direction) और मान (Value) नहीं बदलता है। बता दे की आज कल हर जगह (AC) अल्टरनेटिंग करंट का इस्तेमाल किया जा रहा है लेकिन कुछ ऐसे भी काम है जहां पर डीसी करंट की जरूरत पड़ती है।

DC करंट क्या होता है