How to buy cryptocurrency in India

Bitcoin की लॉन्चिंग के कुछ टाइम बाद से ही Cryptocurrency की पॉपुलैरिटी बढ़ती जा रही है। और आज इसका Fild इतना तेजी से एक्सपैंड हो रहा है। कि आज बिटकॉइन के अलावा चार हजार से भी ज्यादा क्रिप्टो करेंसीज मौजूद हैं। इनमें से कुछ पॉपुलर Cryptocurrency हैं। Ethereum, Bitcoin, Tether, Cardano, Solana वैसे भी आप जानते ही होंगे कि Bitcoin ऐसी वर्चुअल यानी डिजिटल मनी है। जो कॉइन या टोकन की फॉम्र्स में होती है। सबसे पहले जानते हैं। कि इंडिया में Cryptocurrency खरीदने और बेचने के क्या रूल्स एंड रेगुलेशंस हैं। इंडिया में Cryptocurrency को खरीदना बेचना ट्रेडिंग करना लीगल है। हालांकि अभी तक Government of India ने Cryptocurrency रेगुलेशंस के लिए कोई Law पास नहीं किया है फिर भी Cryptocurrency को खरीदना और बेचना पूरी तरह लीगल है। हां ये बात जरूर है की आप India में Cryptocurrency को लीगल टेंडर की तरह यूज नहीं कर सकते। यानी कोई सामान और कोई सर्विस खरीदने बेचने में आप अभी Bitcoin और दूसरी Cryptocurrency का इस्तेमाल नहीं कर सकते लेकिन ऐसा तो गोल्ड के साथ भी होता है। गोल्ड का यूज भी तो हम कुछ खरीदने और बेचने में नहीं करते हैं फिर भी उसकी वैल्यू हमारे लिए बहुत ज्यादा ही बनी रहती है और कुछ ऐसा ही फंडा Cryptocurrency पर भी लागू होता है। 

How to buy and sell cryptocurrency in India

Cryptocurrency को खरीदने का क्या प्रॉसेस होता है। Bitcoin जैसी Cryptocurrency खरीदने से पहले आपके पास Cryptocurrency एक्सचेंज अकाउंट पोस्टल आइडेंटिफिकेशन डॉक्युमेंट्स सिक्योर इंटरनेट कनेक्शन और पेमेंट मैथड होना चाहिए। और Cryptocurrency खरीदने के लिए आपको ये स्टेप्स पूरे करने होंगे।

  • पहला स्टेप है। Cryptocurrency एक्सचेंज चूज करें। जब आप Cryptocurrency एक्सचेंज पर साइनअप करेंगे तभी आप Cryptocurrency को Buy, Sell और Hold कर सकेंगे। इसके लिए आपको बहुत से Cryptocurrency एक्सचेंज मिल जाएंगे जिनमें से आपको बेस एक्सचेंज चूज करना है। जिसके लिए आपको अच्छे से रिसर्च करना चाहिए। बेस एक्सचेंज वही है जिसका यूज करना सुपर ईजी हो जो सिक्योर हो जैसे की India का Simplest Bitcoin App “CoinDCX Go” जो इंडिया के लार्जेस्ट और सफेस्ट क्रिप्टो एक्सचेंज क्वाइन DCX बना है ये App ISO सर्टिफाइड है और KYC, AML, Procedures जैसी सभी ने सिसिली रूल्स इन रेगुलेशंस को फॉलो करता है। “CoinDCX Go” को शुरुआत के लिए बेस्ट Bitcoin एप्लिकेशन है। क्योंकि CoinDCX Go से Bitcoin खरीदना इतना आसान है। जितना अपने स्मार्टफोन पर टैप करना और आप Cryptocurrency के फिल्ड में नये है तो CoinDCX Go आपके लिए बेस्ट च्वॉइस हो सकता है क्योंकि यहां पर इनवेस्टमेंट प्रोसेस एकदम सरल होता है और इस ऐप में आप Bitcoin यानी कि (BTC), Ethereum (ETH), Ripple (XRP), Tron (TRX) के अलावा और भी कई सारी Cryptocurrency में इनवेस्टमेंट स्टार्ट कर सकते हैं। Cryptocurrency एक्सचेंज चूज करते टाइम आपको Safety ऑप्शंस पर भी गौर करना होगा और CoinDCX Go App OTP या ट्रस्टेड Authenticator App के जरिये। आपके अकाउंट में सिक्योरिटी की एक्स्ट्रा लेयर ऐड करता है और इस पर आपको मल्टिपल सिक्योरिटी फीचर्स के साथ सेट्स एक्सचेंज भी मिलता है जिसमें दो फैक्टर ऑथेंटिकेशन और विड्रॉल पासवर्ड फीचर शामिल हैं। यहां पर आपके पास पॉइंट्स पर्सनल डेटा और बाकी सारी सेंसिटिव इन्फर्मेशन सिक्यॉर रहती है और हर Cryptocurrency विड्रॉल को भी मल्टीपल कन्फर्मेशन के बेस पर वेरिफाई करने के बाद ही प्रोसेस किया जाता है। यानी CoinDCX Go App में सेफ और सुपर एक्सचेंज की सारी क्वॉलिटीज मौजूद हैं। चलिए अब अगले स्टेप पर चलते हैं।
  • स्टेप नंबर 2 अपने एक्सचेंज को पेमेंट ऑप्शन से कनेक्ट करिए। जी हां अपने लिए बेस्ट एक्सचेंज सिलेक्ट करने के बाद आपको अपने पोस्टल डॉक्युमेंट्स की जरूरत होगी जिसमें आपके एक्सचेंज के अकॉर्डिंग पैन आधार जैसे डॉक्युमेंट्स होंगे। वैसे ज्यादातर एक्सचेंजों से स्ट्रिक्ट KYC प्रॉसेस को प्रिफरेंस देते हैं ताकि इन currency के Illegal यूज को अवाइड किया जा सके जिसे CoinDCX Go App और एक बार जब आपकी आइडेंटिटी कन्फर्म हो जाएगी उसके बाद पेमेंट ऑप्शन से कनेक्ट कर सकते हैं जिसके लिए आप बैंक से कनेक्ट कर सकते हैं और डेबिट क्रेडिट कार्ड भी यूज कर सकते हैं। इनके लिए आपको Fees में variation मिल सकता है और बहुत सी चीजों का कलेक्शन फीस भी चार्ज करते हैं। CoinDCX Go ऐप के जरिए आप Crypto इन्वेस्टमेंट के लिए अपना अपने बैंक का यूज़ कर सकते हैं और इस ऐप से Crypto Buy और Sell करने पर आपको जीरो ट्रांजैक्शन फीस देनी होगी।
  • आगे बढ़ते हैं बात करते हैं। Step 3 की Place Order। मतलब एक्सचेंज और पेमेंट ऑप्शन से कनेक्ट करने के बाद आप Bitcoin और दूसरी Cryptocurrency को खरीद सकते हैं। CoinDCX Go में Crypto को खरीदने और बेचने का प्रोसेस हर किसी के लिए एकदम आसान है। इसमें सिर्फ 10 रुपए से भी Crypto खरीदने की शुरुआत कर सकते हैं। इससे ज्यादा आसान और अफोर्डेबल और क्या हो सकता है।

तो इस तरीके से इन 3 Steps को फॉलो करके आप Cryptocurrency खरीद सकते हैं लेकिन जहा Currency की बात होती है वहां पर Safety स्टोरेज की बात तो होनी चाहिए। इसी लिए Bitcoin और Cryptocurrency खरीदने के बाद आप उसे कैसे सिक्योर रखें ये जानने के लिए स्टेप नंबर 4 को अच्छे से जान लीजिए।

  • 4 Step जो कहता है कि अपनी Cryptocurrency को सेफ स्टोरेज में रखिए। मतलब यह की Cryptocurrency खरीदने के बाद आपको इन्हें सेफ स्टोरेज यानि Cryptocurrency वॉलेट में रखना चाहिए। जहां यह ज्यादा सिक्यॉर रह सके। कुछ वॉलिट में केवल बिटकॉइन स्टोरेज की फसिलिटी मिलती है जबकि कुछ में बहुत तरीके Cryptocurrency स्टोर करने का ऑफर मिलता है। कुछ वॉलेट्स में आप एक टोकन तो दूसरे में स्वैप भी कर सकते हैं।

What Is A Cold Wallet and Hot Wallet?

Bitcoin wallet चूज करते टाइम आपको Hot Wallet और Cold Wallet जैसे ऑप्शंस मिल सकते हैं। यहां पर Hot Wallet यानि Online Wallet और Cold Wallet यानी पेपर या हार्डवेयर वॉलेट्स । Hot Wallet कंप्यूटर्स, फोन्स और टैबलेट जैसी इंटरनेट कनेक्टेड डिवाइसेज पर रन करते हैं और इनके जरिये आप कुछ ट्रांजैक्शन कर सकते हैं लेकिन ये ध्यान रखिए कि अपनी प्राइवेट की किसी इंटरनेट कनेक्टेड डिवाइस पर स्टोर करना हैकिंग रिस्क को बढ़ा सकता है। ये wallet’s Cryptocurrency के Small Amount के लिए बेस्ट रहते हैं जिसको आप किसी एक्सचेंज पर Actively ट्रेंड कर रहे हों, जब की Cold Wallet इंटरनेट से कनेक्टेड नहीं होते हैं और इनमें रिस्क बहुत ही कम रहता है। इन्हें ऑफलाइन वॉलिट और हार्डवेयर वॉलिट भी कहते हैं।

ये वॉलिट यूजर की प्राइवेट किसी को ऐसी जगह पर रखते हैं जो इंटरनेट से कनेक्टेड नहीं होती है और Cryptocurrency को स्टोर करने का मोस्ट सिक्योर वे पेपर वॉलेट होता है जिसे पर्टिकुलर वेबसाइट से जेनरेट किया जा सकता है। इसके बाद ही पब्लिक और प्राइवेट कीज प्रड्यूस करता है। इसका पेपर पर प्रिंटआउट लिया जा सकता है और इन एजुसेट पर Cryptocurrency ऐक्सेस के लिए आपके पास प्राइवेट ही वाला पेपर होना जरूरी है। ऐसे बहुत से लोग इसे लेमिनेट करवाकर के ब्रैंड की सेफ्टी डिपॉजिट बॉक्स में स्टोर कर देते हैं या घर पर स्टेपलर रख लेते हैं। ये लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए होते हैं क्योंकि आप इन्हें तुरंत ट्रेड या सील नहीं कर सकते। इस तरह हार्डवेयर वॉलिट होते हैं जो USB ड्राइव डिवाइस होती है जो यूजर की प्राइवेट को ऑफलाइन सिक्यॉरिटी स्टोर करती है। ये वॉलिट पेपर वॉलेट से ज्यादा कॉमन यूज़ किए जाते हैं यानी अपना वॉलेट सेटअप के लिए आपके पास तीन चीजें जरूरी है। पहली Exchange Account, दूसरा Hot Wallet to Keep Medium Amounts From Cryto Small, और तीसरा ऑप्शन है Cryto को लॉन्ग टर्म ड्यूरेशन तक Hold करने के लिए एक Cold Wallet.

Conclusion

तो दोस्तों इस तरीके से Cryptocurrency को खरीदने का प्रॉसेस तो जान ही चुके हैं और अगर आप Cryptocurrency और Blockchain के बारे में डिटेल में जानना चाहते हैं तो इसकी DCX Lear Platform यानी की Dcxlearn.com से आप सीख सकते हैं। और इसी के साथ यह आर्टिकल आपको कैसा लगा कमेंट बॉक्स में करके जरूर शेयर कीजिएगा। धन्यवाद।

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