होली पर निबंध | Holi essay in Hindi

आज के हम इस पोस्ट मे होली पर निबंध | Holi essay in Hindi लिखेंगे। अगर आप को नही पता की होली पर निबंध कैसे लिखें तो परेशान कोई बात नही। यह निबंध पढने के बाद से आप अपने मन से होली पर निबंध 200 शब्दों में या फिर होली पर 10 लाइन का निबंध लिख सकते है यह सभी Class के विद्यार्थियों और कॉलेज के लिए लिखे गये है।

Holi essay in Hindi

होली पर निबंध 2022 | Holi essay in Hindi

होली रंगों का त्यौहार है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंग लगाते है। ये रंग खुशी, उल्लास, स्नेह और भ्रातृ-भाव के प्रतीक है। होली का त्यौहार फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। सो यह त्यौहार बसंत ऋतु के आने की सूचना भी देता है। इस दिन लोग हंसी-खुशी नाचते और गाते हैं। तरह-तरह के फूलों से बगिया महक जाती है।

होली के त्यौंहार के साथ एक पौराणिक कथा भी जुड़ी है। राजा हिरण्यकश्यप एक घमण्डी और अत्याचारी राजा था। वह अपने आप को भगवान समझता था। वह अपनी प्रजा पर बहुत अत्याचार करता था लेकिन उसका पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त था। उसने अपने पिता को भगवान मानने से मना कर दिया, इसलिए हिरण्यकश्यप ने उसे मारने के प्रयास कई बार किये। लेकिन मार नही सका। हिरण्यकश्यप की एक बहन थी – होलिका।

होलिका को यह वरदान के रूप में एक वस्त्र मिला था जिसे ओढ़कर यदि वह अग्नि में प्रवेश करे तो अग्नि उसे जला नही सकती। होलिका ने अग्नि की व्यवस्था की और वह वस्त्र ओढ़कर अग्नि में बैठ गई।और गोद में प्रहलाद को भी बिठा लिया। वह उसे मारना चाहती थी। लेकिन जैसे ही आग जली तो वह वस्त्र प्रहलाद पर आ गिरा। इस अग्नि में होलिका जल गई और प्रहलाद बच गया। इसलिए होली के त्यौहार पर होलिका जलायी जाती है।

होलिका बुराई का प्रतीक थी। इसलिए माना जाता है कि हम होलिका दहन में ईष्या, पाप, बुराई और असत्य को जलाते है।इस त्यौहार पर दीवानों की टोलियाँ नाचते, गाते और हुल्लड़ मचाते हुए गलियों और बाजारों में दिखाई देती है। लोग पिचकारियों से एक दूसरे पर रंग फेंकतें है। एक दूसरे को गुलाल लगातेे है और गले मिलते है। गले लगने से साल भर के वैर भाव मिट जाते है। और शत्रुता मित्रता में बदल जाती है। इस दिन अपने दोस्तों और प्रियजनों में मिठाईयाँ बांटी जाती है।

होली पर लोग जी भर कर खुशियां मनाते है। हास्य और व्यंग्य के कवि सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है। एक ओर दूसरों का मजाक बनाया जाता है तो दूसरी ओर खुद पर मजाक करके दूसरों को हंसाया जाता है। ‘महामूर्ख‘सम्मेलन का आयोजन भी किया जाता है। जिसमें गाँव का कोई सम्मानित आदमी सहर्ष ही मूर्ख बनना स्वीकार कर लेता है।

होली के त्यौहार को ऋतु के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। किसानों की फसलें पक जाती हैं। अपनी मेहनत के फल को देखकर कृषक खुशी से फूला नही समाता है।
होली को ‘अष्ठिका‘ पर्व के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर जैन धर्म के लोग आठ दिन तक सिद्ध चक्र की पूजा करते है। होली का पर्व प्रेम, सद्भावना, मित्रता और समानता का पर्व है।

निष्कर्ष - Holi essay in Hindi

दोस्तों मुझे उम्मीद है कि आपको यह “ 2022 में होली पर निबंध | 2022 Holi essay in Hindi“ ब्लॉग पसंद आया होगा, और यह ब्लॉग पढने के बाद आप अपने मन से होली पर निबंध लिख सकते है. अगर आपको मेरा यह ब्लॉग पसंद आया है, तो इसे अपने दोस्तों के साथ और अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर करें, लोगों को बताएं इसके बारे में भी।

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