अपने शरीर के हिसाब से Exercise करना सीखो 2022- Weight Loss, Weight gain, Fit body

किसी भी व्यक्ति का सेहत का अच्छा या बुरा होना। तीन बातो पर सबसे ज्यादा निर्भर करता है। 1- सही तरह का खाना, 2- सही समय पर नींद और आराम का ख्याल रखना, 3- व्यायाम (Exercise)। अगर वजन बढाना होता Exercise के लिए कहा जाता है। वजन घटाना हो तब भी Exercise के लिए ही कहा जाता है। यहां तक कि बीमारियां दूर करने और फिट रहने के लिए भी Exercise करने की ही सलाह दी जाती है। Glowing Skin और मजबूत बालों के लिए भी Exercise करने को कहा जाता है, लेकिन Exercise तो बहुत तरीके की होती है। आखिर किस फायदे के लिए कौन सी कोशिश करनी चाहिए।

गलत Exercise न करें
गलत Exercise न करें

अपने शरीर के हिसाब से Exercise करना सीखो

आज इस ब्लॉग में Exercise के बारे में बार करेगे की जितनी भी Physical Exercise होती है उसे चार हिस्सों में बाटा जाता है,

  1. Stretching Exercise
  2. Cardio Exercise
  3. Strength Training
  4. Balancing Exercise

Stretching Exercise

Stretching Exercise इसी Exercise को आप एक तरीका योगा भी कह सकते हैं। इस Exercise का मेन काम आपकी बॉडी को फ्लैक्सिबिलिटी प्रोवाइड करना होता है। इसलिए इस Exercise को हर किसी को जरूर करना चाहिए।

इस स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज का सबसे पहला फायदा यह है कि इससे आपकी बॉडी का स्ट्रक्चर सीधा और सही दिशा में होता है। अक्सर ही गलत तरीके से उठने बैठने की वजह से कुछ लोगों के शरीर का पोषण पूरी तरीके से बिगड़ जाता है। कंधे आगे की तरफ झुक जाते हैं और बॉडी पीछे मुड़ी हुई दिखने लगती है, जिससे हाइट तो कम लगती ही है। साथ ही इससे उस व्यक्ति की Personality पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है।

Wall Angel और Cobra Stretch कुछ एसी Exercise है जो बिगड़े हुए पोश्चर को फिर से ठीक करने में बहुत जबरदस्त तरीके से काम करते हैं। किसी हैवी वर्कआउट को करने से पहले शरीर के ज्वॉइंट को सही करने के लिए Stretching Exercise जरूर कर जरूर करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से हेवी वर्कआउट के दौरान किसी भी तरीके के इंजरी होने के चांसेस काफी हद तक कम हो जाते हैं।

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है शरीर की फ्लैक्सिबिलिटी कम हो जाती है। जिससे बिना दर्द सहे कुछ लोगो के लिए उठना बैठना भी मुश्किल हो जाता है जो कि शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी कम होने को दर्शाता है। इसलिए हर किसी को बुढापे की तैयारी जवानी में ही कर लेनी चाहिए।

कहने का मतलब ये है कि जो लोग शुरुआत से ही रेगुलर इस तरह की एक्सरसाइज करते हैं, उनकी बॉडी ज्यादा उम्र होने के बाद भी काफी फ्लैक्सिबल रहती है। जिससे कि डेली लाइफ में किए जाने वाले किसी भी काम को अंजाम देने में बहुत ही आसानी होती है।

Cardio Exercise

Cardio Exercise जिसे एरोबिक एक्सरसाइज के नाम से भी जाना जाता है। इस एक्सरसाइज में ज्यादातर आपके पूरे शरीर के अंग एक साथ हरकत में होते हैं, जिससे ज्यादा कैलरी बर्न होती है और धीरे-धीरे शरीर को जल्दी न थकने की आदत होने लगती है। मिसाल के तौर पे जॉगिंग, रनिंग, स्विमिंग, साइक्लिंग, स्पोर्ट्स प्लेन और हर वो काम जिसमें आपके शरीर का ज्यादातर हिस्सा हरकत में होता है।

उन सभी तरीके के एक्सरसाइज को कार्डियो एक्सरसाइज(Cardio Exercise) जैसे नाम से जाना जाता है। यहां तक कि अगर आप कुछ ऐसे निजी काम भी करते हैं, जिसमें आपका शरीर हरकत में होता है तो उसे भी Cardio Exercise की श्रेणी में ही गिना जाता है। कार्डियो एक्सरसाइज में आपकी स्पिरिट जितनी ही ज्यादा होती है। उसका शरीर पर असर भी उतना ज्यादा होने लगता है।

मिसाल के तौर में अगर आप वाकिंग कर रहे हैं तो इसे Low intensity cardio exercise कहा जाता है, जिसके शरीर में बहुत कम असर होता है। अगर आप जोगिंग कर रहे हैं यानी आपकी स्पीड चलने से थोड़ी ज्यादा और दौड़ने से थोड़ी कम है तो इसे Medium intensity cardio exercise में गिना जाता है और फाइनली अगर आप दौड़ रहे हैं। तो High intensity cardio exercise कह जाता है जिसका शरीर पे असर भी ज्यादा होता है। इसलिए एक्सरसाइज की स्पीड आपको अपनी उम्र और ताकत के हिसाब से रखनी चाहिए।

Cardio Exercise करने से दिल की धड़कन तेज होती है और पूरे शरीर में खून का दौरान तेजी से होने लगता है। आपके शरीर में ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ जाती है, जिससे आपकी सेहत भी तेज होने लगती है। आपके शरीर की कोशकाओं की इन्सुलिन सेंसिटिविटी बढ़ जाती है, जिसे डाइबिटीज़ कोलेस्ट्राल, पीसीओडी और दिल से जुड़ी बीमारी होने के चांसेज भी बहुत कम हो जाते हैं।

हमारा सर जो कि शरीर के सबसे ऊपरी हिस्से पर होता है। नॉर्मली वहां तक खून का दौरा ठीक से नहीं हो पाता। Cardio Exercise करने से सर के ऊपरी हिस्से तक भी खून आसानी से पहुंचता है, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होते हैं और ये स्किन भी साफ होने लगती है। इतना ही नहीं इससे आपका दिमाग भी ज्यादा बेहतर तरीके से काम करने लगता है। इस तरह के एक्सरसाइज को करने से शरीर में HGH यानि ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन भी काफी मात्रा में रिलीज होने लगते हैं, जिससे शरीर के अंदर हीलिंग प्रोसेस शुरू हो जाता है और बीमारियां धीरे-धीरे में ठीक होने लगती हैं।

जिन लोगो की हाईट बढ़ने की उम्र में उन्हें भी कार्डियो एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए, क्योंकि इसे शरीर में हाइट बढ़ाने वाले हॉर्मोन ठीक तरीके से रिलीज हो पाते हैं। इस तरीके के साइज में बहुत जल्दी पसीना निकलने लगता है। इससे रोम छिद्र खुल जाते हैं और ये स्किन के अंदर मौजूद गंदगी बाहर निकलने लगती है। इसलिए दाग धब्बे भी धीरे-धीरे ठीक होने लगते हैं। वैसे तो कार्डियो एक्सरसाइज हर किसी के लिए फायदेमंद होती है,

लेकिन फिटनेस गोल के नजरिये से जिन लोगों को वजन घटाना है उसे कार्डियो एक्सरसाइज ज्यादा करनी चाहिए। क्योंकि इस तरह के एक्सरसाइज में शरीर से कैलरीज ज्यादा बर्न होती हैं जो कि शरीर से चर्बी कम करने में सदा मददगार होता है।

सावधानियां:- कार्डियो एक्सरसाइज (Cardio Exercise) में जैसे-जैसे आपकी स्पीड बढ़ती है, उसका शरीर पर असर भी ज्यादा होने लगता है। लेकिन आपको हमेशा ही ये याद रखना चाहिए कि हाई स्पीड एक्सरसाइज को करने से पहले आपके शरीर को उसके लिए तैयार करना भी जरूरी होता है। इसलिए शुरुआती 4 से 5 मिनट लोग स्पीड में यानी धीरे-धीरे एक्सरसाइज करना चाहिए ताकि आपका शरीर हाई स्पीड एक्सरसाइज के लिए तैयार हो जाए और कोई भी इंजरी न हो।

जिन लोगों को दिल से जुड़ी बीमारी है उसे Cardio Exercise बहुत ही ज्यादा स्पीड में नहीं करना चाहिए। क्योंकि हाई स्पीड एक्सरसाइज करने से आपका दिल खून को बहुत ही तेजी से नसों में छोड़ता है। लेकिन दिल की बीमारी वाले लोगों की नसों में पहले से ब्लॉकेज होने की वजह से जब खून नसों से होकर ज्यादा तेजी से गुजरता है तो ब्लॉकेज वाली जगह पर ज्यादा दबाव होने लगते हैं,

जिससे सीने में दर्द शुरू होने के साथ-साथ दूसरी प्रोब्लम भी हो सकती है। इसलिए दिल के मरीज को एरोबिक एक्सरसाइज करना चाहिए, लेकिन हाई स्पीड में न करके लो स्पीड से मीडियम तक ही रखना चाहिए। जैसे की वाकिंग और जॉगिंग बेस्ट ऑप्शन हो सकता है, लेकिन हाई स्पीड रनिंग नहीं करना चाहिए। जिन लोगों को हाई ब्लडप्रेशर की प्राब्लम है उन्हें भी बहुत ज्यादा हाई स्पीड वाली एक्सरसाइज नही करना चाहिए।

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Strength Training

Strength Training मूल रूप से यह एक्सरसाइज आपके शरीर के स्टेमिना को बढ़ाने का काम करता है। इस एक्सरसाइज को दो तरीके से किया जाता है। एक तो एक्स्ट्रा वजन उठाकर जिसे वेट लिफ्टिंग के नाम से जाना जाता है, दूसरा तरीका वो है जहां शरीर के वजन को ही इस्तेमाल करके एक्सरसाइज को परफॉर्म किया जाता है,

जिसे कैलिस एंथनी के नाम से जाना जाता है। एग्जाम्पल के लिए पुशअप और स्कर्ट जैसी एक्सरसाइज बेसिकली Strength Training एक्सरसाइज का नाम सुनकर ही पता चलता है कि ये आपके शरीर के अंदर की स्ट्रेंथ यानि ताकत को बढ़ाने का काम करता है और इसी दौरान आपके शरीर की मसल्स फाइबर सुधार होकर ज्यादा मजबूत होने लगती है,

जिससे शरीर में लीन मसल मास की मात्रा भी बढती है और शरीर अंदर और बाहर दोनों से स्ट्रॉंग होने लगता है। इस एक्सरसाइज में आपको अपने अंदर से शरीर का मैक्सिमम बल लगाना पड़ता है, जिससे शरीर में प्रैशर क्रिएट होता है और शरीर के अंदर जमी गंदगी को आपका शरीर बाहर फेकने लगता है, जिससे आपकी स्किन भी साफ होती है और यहां तक कि सारे इंटरनल आर्गन ज्यादा बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं।

सावधानियां:- लोग Strength Training करने से पहले वार्म अप एक्सरसाइज नहीं करते। उनमें अक्सर ही इस स्ट्रेच मार्क्स और कभी-कभी जॉइंट पेन भी शुरू हो जाते हैं। इसलिए ऐसी हेवी एक्सरसाइज करने से पहले 10 से 15 मिनट के लिए आपको अपनी उस मसल्स को स्ट्रेच करके वार्म अप एक्सरसाइज कर लेना चाहिए,

जिसके लिए आप एक्सरसाइज करने वाले है। इस तरह के एक्सरसाइज करते हुए आपको समय के साथ साथ धीरे-धीरे वजन को बढ़ाने की कोशिश करना चाहिए, लेकिन यहां आपको अपनी कपैसिटी का ख्याल रखना चाहिए। न तो आप को इतना सारा वजन उठा लेना चाहिए जिससे कि कोई प्राब्लम हो जाए और ना ही इतना कम वजन उठाना चाहिए जिससे कि शरीर पर कोई असर ही न हो।

इस एक्सरसाइज को लोग असर लोग गिनती बढाने के लिए बहुत जल्दी-जल्दी करते हैं, जिससे एक्सरसाइज के पूरे फायदे शरीर को नहीं मिल पाते और ऐसा इसलिए क्योंकि इस स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की लगभग सभी एक्सरसाइज को धीरे-धीरे और सही फॉर्म में करना चाहिए। साथ ही एक्सरसाइज के दौरान शरीर को टाइट और सही दिशा में रखना भी बहुत जरूरी होता है। तभी आपको एक्सरसाइज के सही फायदे मिल पाते हैं।

Balancing Exercise

Balancing Exercise इसके नाम से ही पता चलता है कि ये एक्सरसाइज आपके शरीर की बैलेंस करने की स्किल को इम्प्रूव करने का काम करता है। आपने देखा होगा कि कुछ लोग थोड़ा भी बैलेंस बिगड़ने से लड़खड़ा कर नीचे गिर जाते हैं और जो कि ये दर्शाता है कि उस बंदे का अपने शरीर पर कंट्रोल नहीं है।

चाहे वज़न उठाते वक्त हो या कोई कंजेस्टेड रास्ते पर चलते वक्त बैठने या उठते वक्त हो या किसी ऐसी जगह पर खड़ा रहना जहां जगह की कमी हो। इन सभी सिचुएशन में आपके कदम मजबूती से जमे रहने के लिए आपके शरीर पर आपका कंट्रोल रहना बहुत जरूरी होता है और इस तरह का कंट्रोल बैलेंस एक्सरसाइज के जरिये हासिल किया जा सकता है।

वैसे तो बैलेंस एक्सरसाइज कई तरीके के होते हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो टेंडम स्टैंड, टेंडम वाक, और वन लगे स्टैंड जैसी एक से शुरुआत कर सकते हैं। अगर इस एक्सरसाइज को करते वक्त आपको बहुत ज्यादा सा लगता है तो एक्सरसाइज के दौरान आपको आंख बंद करके ट्राय करना चाहिए।

आज आपने क्या सीखा

सभी बातों का निष्कर्ष ये है कि चार तरीके के साइज में स्ट्रेचिंग और बैलेंसिंग एक्सरसाइज़ कोई भी कर सकता है, लेकिन कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अपने फिटनेस गोल के हिसाब से करना चाहिए।

अगर आपको सिर्फ फिट रहना है तो हफ्ते में तीन दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और तीन दिन कार्डियो कर सकते हैं। अगर आपको वजन बढ़ाना है तो आपको हफ्ते में 5 से 6 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करना चाहिए और साथ ही ये ध्यान रखें कि जो भी बहुत ज्यादा भाग-दौड़ वाले खेल काम या फिर कोई एक्ससाइज होती है,

उसे कम करना चाहिए क्योंकि इस तरह बहुत ज्यादा तेजी से भाग-दौड़ करने से शरीर से सारा कैलोरी बर्न होती है और ऐसे में आपको वजन बढाने में दिक्कतें हो सकती हैं। हालांकि कभी-कभी हफ्ते में एक बार अगर आप ऐसा करते हैं तो इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है।

अगर आपको वजन घटाना है तो हफ्ते में सातों दिन आपको कम से कम 20 से 30 मिनट के लिए कार्डियो एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। और बेहतर ये है कि इन सात दिनों में तीन दिन आपको ऐसा भी लगना चाहिए। जब कार्डियो और Strength Training दोनों को परफॉर्म करना चाहिए। लेकिन इस दिन आपको पहले स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करके उसके बाद कार्डियो एक्सरसाइज करना चाहिए।

इस तरह से एक्सरसाइज का ज्यादा बेहतर तरीके से आपके शारीर पर असर होता है। शारीर को फिट रखने के लिए आपके शरीर के हिसाब से खान पान भी सही होना बहुत जरूरी होता है और उसके लिए हम आगे आने आर्टिकल में बात करेंगे तो बस आजकल इतना ही आर्टिकल को उन लोगों तक जरूर पहुंचाएं जो इस बारे में नहीं जानते और तब तक अपना ख्याल रखें।

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