Diwali Essay in Hindi | दिवाली पर 10 लाइन निबंध

आज के इस ब्लॉग में हम सीखेगे की_ दिवाली पर 10 लाइन निबंध लिखना, Diwali Essay 10 Lines कैसे लिखते है और आप इस ब्लॉग को पढ़ कर आप खुद दिवाली पर निबंध लिखना सिख जायगे।

Diwali Essay
Diwali Essay

Diwali Essay Hindi | दीपावली पर निबंध

दीवाली, जिसे आमतौर पर रोशनी के त्योहार के रूप में जाना जाता है, भारत में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला त्योहार है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह हिंदुओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। यह हर साल नवंबर में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम राक्षसी रावण का वध कर और 14 वर्ष के वनवास के बाद घर लौटे थे।, इस दिन दिये जलाये जाते है, घरों को सजाने और साफ करने, प्रार्थना करने और खुशियां फैलाने के साथ चिह्नित किया जाता है।

भगवान राम को उनकी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ 14 साल का वनवास मिला था। जब वे जंगलों में थे, तब लंका के शासक रावण ने सीता का अपहरण कर लिया था। इसके बाद एक युद्ध और एक कहानी हुई जो भारतीय धर्म के दो महाकाव्यों में से एक है। जिस दिन उन्होंने रावण का वध किया वह दशहरे के रूप में मनाया जाता है। 20 दिनों के बाद, जब वह सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे, तो स्थानीय लोगों ने राजा राम की वापसी का सम्मान करने के लिए दीये जलाए। इसलिए इस दिन को दिवाली या दीपावली के नाम से जाना जाता है।

दिवाली घरों की सफाई, दीये जलाने और प्रार्थना करने के लिए जानी जाती है। श्री गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। हिंदू आमतौर पर अपने परिवारों की शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। मिठाइयां बांटी जाती हैं और परंपरागत रूप से लोग एक-दूसरे के पास जाते हैं और जश्न मनाते हैं। बच्चे दिन का आनंद लेने के लिए पटाखे जलाते हैं और यह एक राष्ट्रव्यापी अवकाश है। यह त्यौहार अन्य समुदायों द्वारा भी मनाया जाता है और यह भारत की सुंदरता को दर्शाता है।

Diwali Essay 10 Lines

  1. दीपावली को दीपों का पर्व कहा जाता है।
  2. दिवाली का त्योहार हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है।
  3. जब भगवान श्री राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। इसलिए दिवाली मनाई जाती है।
  4. दिवाली से पहले लोग अपने घरों की सफाई करते हैं।
  5. दिवाली की शाम को माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
  6. इस दिन सभी लोग अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों आदि में दीपक जलाते हैं।
  7. इन दिनों कई लोग पटाखे, फुलझड़ी, आदि भी जलाते हैं। और इस पर्व पर पटाखे जलाकर बच्चे बहुत खुश होते हैं।
  8. इस दिन सभी एक दूसरे को मिठाइयां बांटते हैं।
  9. दिवाली का यह त्यौहार 5 दिनों तक चलता है। जिसका पहला दिन धनतेरस होता है, दूसरा दिन नरक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है, तीसरा दिन दीपावली पर्व का मुख्य दिन होता है, दीपावली पर्व का अंतिम दिन भाई दूज के रूप में मनाया जाता है।
  10. दिवाली खुशियों का त्यौहार है

Essay in Hindi on Diwali | दीपावली पर निबंध 500 शब्दों में

दीपावली हिंदुओं का प्रमुख पर्व है। इसे समस्त भारतीय सामाजिक, सांस्कृतिक तथा धार्मिक परंपरा के रूप में बहुत श्रद्धा व उल्लास से प्रतिवर्ष मनाते हैं। समस्त भारत में शरद ऋतु में यह पर्व किसी ना किसी रूप में मनाया जाता है।


दीपावली का अर्थ है दीपों की पंक्ति। माना जाता है कि दीपावली के दिन अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र जी अपने 14 वर्ष का वनवास पूरा कर कर लौटे थे। अयोध्या वासियों का हृदय अपने परम प्रिय राजा के आगमन से उल्लास पूर्ण था। श्री राम जी के स्वागत में अयोध्या वासियों ने घी के दीए जलाए। तब से आज तक भारतीय प्रतिवर्ष है प्रकाश पर्व हर्षोल्लास से मनाते हैं।

कृष्ण भक्ति धारा के लोगों का मानना है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी राजा नरकासुर का वध किया था। इस राक्षस के वध के बाद जनता में अपार हर्ष फैल गया और प्रसन्नता से भरे लोगों ने घी के दिए जलाएं।

दीपावली स्वच्छता एवं प्रकाश का प्रतीक है। कई सप्ताह पहले ही दीपावली की तैयारियां आरंभ हो जाती हैं। लोग अपने घरों, दुकानों आदि की सफाई का कार्य आरंभ कर देते हैं घरों में मरम्मत, सफेदी आदि का कार्य होता है। लोग दुकानें को भी साफ सुथरा करके सजाते हैं। बाजारों में गलियों को भी सुनहरी लाइटों से सजाया जाता है। दीपावली से पहले ही घर मोहल्ले, बाजार सब साफ सुथरे व सजे धजे नजर आते हैं।


दीपावली एक दिन का त्योहार नहीं परंतु पर्वों का समूह है। दशहरे के बाद ही दीपावली की तैयारियां आरंभ हो जाती हैं। लोग नए नए वस्त्र बनवाते हैं। दीपावली से 2 दिन पूर्व धनतेरस का त्यौहार आता है। इस दिन बाजारों में चारों तरफ लोग ही लोग खरीदारी के लिए दिखाई देते हैं। धनतेरस के दिन बर्तनों की दुकानों पर बहुत भीड़ दिखाई देती है। धनतेरस के दिन बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है।


धनतेरस के अगले दिन नरक चौदस या छोटी दीपावली होती है। इस दिन यम पूजा के लिए दीपक जलाए जाते हैं। अगले दिन दीपावली आती है इस दिन घरों में सुबह से ही तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। हजारों में खील बताशे, मिठाइयां, लक्ष्मी गणेश आदि की मूर्तियां बिकने लगती हैं। स्थान स्थान पर आतिशबाजी और पटाखों की दुकानें सजी होती है। सुबह से ही लोग रिश्तेदारों, मित्रों के घर मिठाईयां व उपहार बांटने लगते हैं।


दीपावली की शाम लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। पूजा के बाद लोग अपने अपने घरों के बाहर दीपक व मोमबत्तियां जलाकर रखते हैं। चारों ओर चमकते दीपक बेहद सुंदर दिखते हैं। रंग बिरंगे बिजली के बल्बों से बाजार व गलियां जगमगा उठते हैं। बच्चे तरह तरह के पटाखे व आतिशबाजियो का आनंद लेते हैं। रंग-बिरंगे फुलझड़ियां व अनार के जलने का आनंद प्रत्येक आयु के लोग लेते है।

दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती हैं। इस दिन श्री कृष्ण जी ने गोवर्धन पर्वत अपनी उंगली पर उठाकर इंद्र के कोप से डूबते बृज वासियों को बचाया था। इसी दिन लोग अपने गाय बैलों को सजाते हैं तथा गोबर का पर्वत बनाकर पूजा करते हैं। इसके अगले दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। भाईदूज का पर्व भाई बहन के प्यार का प्रतीक है।

दीपावली के दिन व्यापारी अपने पुराने बहीखाते बदल देते हैं। वे दुकानों पर लक्ष्मी पूजन करते हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से धन की देवी लक्ष्मी की उन पर विशेष अनुकंपा रहेगी।

अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह पर्व समाज में उल्लास, भाईचारे व प्रेम का संदेश फैलाता है। यह पर्व सामूहिक व व्यक्तिगत दोनों तरह से मनाया जाने वाला ऐसा विशिष्ट पर्व है जो धार्मिक, सांस्कृतिक व सामाजिक विशिष्टता रखता है।

Diwali Drawing

Diwali Drawing Easy Step By Step बनाना सीखेगे और आप सिर्फ चार स्टेप्स में Diwali Drawing बना सकते है तो चलिए देखते है।

Diwali Drawing

आप ने देखा की कितना सरल है Diwali Drawing को बनाना आप भी इस तरह से बना सकते है. 

आज आपने क्या सीखा

आज के इस ब्लॉग में हमने “दिवाली पर 10 लाइन निबंध | Diwali Essay 10 Lines” में लिखा सीखा। अगर आप को यह पोस्ट पसंद आया होतो अपने दोस्तों में शेयर करना न भूले। धन्यवाद।

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